मै इस कदर थक गया हू
मै अपनी जिन्दगी से भागना चाहता हू
दूर इतना दूर मै जाना चाहता हू
की कोई देख न ले मुझको
मै तन्हाई से डरता था
लेकिन तन्हाई को अपना दोस्त बनाना चाहता हू
मैंने दोस्त बनाये इंसानों को
कोई समाच न सका मुझे
मै तन्हाई को ये सब समझाना चाहता हू
सायद तन्हाई मेरे बातो को समझ सके
मै यही सब उसे बताना चाहता हू
शहर की इस भागती दौड़ती जिन्दगी
में मै खो सा गया था
मै अब तन्हा अकेला रहना चाहता हू
लोग कहते है तन्हा अकेला नही जिया जा सकता
लेकिन मै उन्हें ये दिखला देना चाहता हू
दोस्त एक एसा हो जो साथ दे हमेशा
कभी अलग न हो मुझसे
इसलिए मै तन्हाई को दोस्त बनाना चाहता हू
इस स्वार्थी दुनिया ने दोस्ती तक को नही छोड़ा
इसलिए मै दुनियावालो से दूर जाना चाहता हू
लोग कहते है दोस्ती सबसे बड़ा रिश्ता होता है
फिर लोग इस पे शक क्यों करते है
इसलिए मै लोगो से दूर जाना चाहता हू
अकेला हू और अकेला रहना चाहता हू
लोग न मुचे समझ सके और न मै शायद लोगो को
और मै ये सब तन्हाई को बताना चाहता हू
अभागा था अभागा हू और सायद अभागा रहूँगा
मै इस अभागेपन से दूर भागना चाहता हू
तन्हाई की न कोई सूरत है न कोई सीरत
फिर कोई kaise chura payega muchse
sayad esliye bhi mai tnhai ko apna dost banana chahta hu
akela hu aur akela rhna chata hu

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